Divya Drishti 21th December 2019 Written Episode Update : Dristi is shocked.

Divya Drishti 21th December 2019 Written Episode Update : Dristi is shocked. 
Written Updates on Hindiflames.com


Divya Drishti :- आज के एपिसोड मे आप देखेंगे कि शेखर लॉकर खोलने के लिए नीचे बैठता है।  यह हर किसी को याय कहता है।  द्रष्टि उसकी तरफ देखती है।  द्रष्टि कहती है कि यह कैसे संभव है?  लॉकर कैसे खुला?  पिसाचिनी कहती है कि वह असली शेखर है या क्या?  पिसैचिनी उसे गिरा देती है।  रक्षित कहता है कि शेखर तुम ठीक हो?  द्रष्टि ने फर्श से एक ढेला उठाया।  ऐश कहती है क्या तुम ठीक हो?  द्रष्टि का कहना है कि वह नकली शेखर है।  उसने लॉकर खोलने के लिए ये कॉन्टैक्ट लेंस पहने हुए थे।  पिसाचिनि का कहना है कि हर कोई उनके खिलाफ होगा।  शेखर का कहना है कि यह मेरा तनाव नहीं है।  मैं असली शेखर हूं।  द्रष्टि कहती है कि क्या आप वास्तव में उस गाँव में रहते हैं जिसे हमने आपको पाया है?  क्या आपका नाम Murali है?  दिव्या कहती है कि वह क्या पूछ रही है?  आपका नाम मुरली था या नहीं?  ऐश कहती है कि यहां क्या हो रहा है।  शेखर कहता है नहीं।  न ही मैं वहां रहता था।  मैं था .. ऐश बेहोश।  रक्षित कहता है तुमने हमसे झूठ बोला।  द्रष्टि कहती है कि वह नरक से आया है।  हर कोई हैरान है।  ऐश कहती है क्या?  शेखर का कहना है कि यह सच है।  मैं नरक में था और यहीं से आया हूं।  द्रष्टि कहती है कि आप कैदी 401 हैं। पिसाचिनी कहती है कि वे पोस्टर मांगेंगे।  मैं उन्हें पोस्टर भी दिलवा दूंगा।  द्रष्टि कहती है कि क्या आपका नाम सही है?  शेखर हाँ कहता है।

 दिव्या कहती है आपने हमसे झूठ बोला?  शेखर कहता है कि मैं इस घर का बेटा हूं।  मुझे वहां भेजा गया था।  ऐश का कहना है कि यह सच नहीं हो सकता।  शेखर ने ऐश को गले लगाया और कहा मैं तुम्हारा बेटा हूं।  पिसाचिनि ने पोस्टर फेंका।  महिमा इसे देखती है और चौंक जाती है।  महिमा कहती है कि क्या यह आपकी वास्तविकता है?  द्रष्टि सही थी।  रक्षित पोस्टर को भी देखता है।  रक्षित ने उसे मारा और कहा कि तुम हमसे झूठ बोलो।  मुझे आप पर द्रष्टि का भरोसा नहीं था।  आपने हमारे भरोसे के साथ खेला।  पिसाचिनी कहती है कि वह असली शेखर था।  मैंने उसे सही समय पर फँसा दिया।  द्रष्टि कहती है आपने हमें बेवकूफ बनाया।  रक्षित कहता है तुम नरक से हो।  आप हमें कभी भी बेवकूफ बना सकते हैं।  द्रष्टि कहती है कि मैंने एक जानवर देखा।  शेखर कहते हैं कि नहीं।  मैंने उस पर हमला नहीं किया।  यह मेरे लिए नहीं था  द्रष्टि का कहना है कि किसी को परेशान करने से पहले हमें उसे बंद कर देना चाहिए।  शेखर कहते हैं, दिव्या मैंने कुछ नहीं किया।  दिव्या यह विक्की था।  कृपया सुनो।

 रक्षित ने उसे दुकान में बंद कर दिया।  रक्षित कहता है कि तुम एक जानवर हो।  शेखर कहता है नहीं, मैं वह नहीं हूं जो तुम सोचते हो कि मैं हूं।  विक्की जानवर है।  वह यह सब कर रहा है।  द्रष्टि कहती है कि तुम नरक से आए हो।  आपने मुझ पर हमला किया।  केवल आप ही थे।  दिव्या कहती हैं कि आप हर जगह थे और आप विक्की को दोषी ठहरा रहे थे।  उस रात भी, उसने आपके कमरे से बढ़ते हुए सुना।  वह कहता है कि मैं असली शेखर हूं।  कृपया सुनो।  महिमा रस्सी लाती है और वे उसे बाँध लेते हैं।  शेखर कहता है कि मैं तुम्हारी माँ हूँ।  जैसे रो रही हो।  शेखर कहते हैं कि विक्की यहाँ जानवर है कृपया सुनो।  रक्षित ने उसे ताला लगा दिया।  द्रष्टि का कहना है कि हमने फिर से आप पर भरोसा करने की गलती नहीं दोहराई।  शेखर कहते हैं, कृपया ऐसा न करें।  दिव्या प्लीज सुनो।

Post a Comment

0 Comments