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Divya Drishti 7 December 2019 Written Episode Update

'Divya Drishti' 7 December 2019 Written Episode Update on hindiflames.com 


Divya Drishti : आज आप देखेंगे कि कैसे रक्षित अपने दोस्त विकी के लिए घर में पार्टी रखता है सारे घर वाले उस पार्टी में शामिल होने के लिए आ जाते हैं तभी यह रक्षित अपने दोस्त विकी को ढूंढ रहा होता है। शिखर इस बात से बहुत ज्यादा परेशान होता है मैंने यहां पर बचपन में एक पेंटिंग देखी थी वह तो पेंटिंग यहां पर कहीं दिखाई नहीं दे रही है आखिर मैं उस प्रिंटिंग को ढूंढूं कहां तभी वहां पर रक्षित की मां शिखर के पास आ जाती है और शिखर से कहती है कि तुम जाकर एलईडी टेल लाइट लेकर आ जाऊं स्टोर रूम से इतना कहकर रक्षित मां इतना कहकर वहां से चली जाती है।

शिखर जैसे ही आगे बढ़ता है तब वहां पर दिव्या आ जाती है और शिखर के कंधे पर हाथ रख देती है तभी शिखर पूरी तरह से डर जाता है और दिव्या से पूछता है कि तुम यहां पर क्या कर रही हो तभी दिव्या शिखर को बताती है कि तुम जिस जगह जा रहे हो वो स्टोर रूम नहीं है इधर की साइड स्टोर रूम है मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूं तुम्हारी हेल्प के लिए दोनों स्टोर रूम में चले जाते हैं वहां पर शिखर एलईडी लाइट को ढूंढ रहा होता है तभी दिव्या कहती है कि हमेशा एलईडी लाइट उसके ऊपर रखी रहती है वहां पर एक बॉक्स होता है शिखर उस बॉक्स को उतारने की कोशिश करता है दिव्या शिखर से कहती है कि कुर्सी पर चढ़कर उस बॉक्स को उतार लो शिखर कुर्सी को लेकर आता है और उस बॉक्स को उतारने लगता है तभी उस बॉक्स को लेकर शिखर दिव्या के ऊपर गिर जाता है दिव्या और शिखर एक दूसरे के ऊपर गिर जाते हैं और उनके ऊपर एलईडी लाइट भी गिर जाती है जिसकी वजह से वह दोनों उठ नहीं पाते।

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दोनों जब एक दूसरे के ऊपर होते हैं तभी वह एक दूसरे को देख रहे होते हैं थोड़ी देर के बाद दोनों ही हंसने लगते हैं तभी दिव्या वहां से निकल जाती है और वहां पर रखी है पुरानी पुस्तक को देखकर दिव्या कैसी है कि यह पुरानी किताब कैसी है मैं इसे अभी दी को दिखा कर आती हूं दिव्या उस किताब को लेकर वहां से चली जाती है शिखर जब बात कर रहा होता है तभी पीछे पलटकर दिखता है तभी वहां पर दया नहीं होती शिखर की नजर वहां पर रखी एक पेंटिंग पर पड़ जाती है तभी वह कहता है कि यह तो वही पेंटिंग है जो मैंने सपने में देखी थी इसका मतलब जो मैं सोच रहा था वही हुआ।


जैसे ही पार्टी शुरू होती है तभी वहां पर विकी डांस करते हुए आ जाता है सारे घर वालों के साथ मिलकर डांस करने लगता है जब सारे घर वाले डांस में बिजी होते हैं तभी उसे विकी इतनी देर में मौका पाकर सारी कोल्ड ड्रिंक में एल्कोहल मिला देता है जिसकी वजह से सारे घर वाले उस ड्रिंक को पीकर ही सब नशे में आ जाते हैं और डांस करने लगते हैं तभी विकी जैसे ही रक्षित की मां को ड्रिंक देने के लिए जाता है तब वहां पर पिशाचनी आ जाती है और धन को लेकर पी लेती है सारे घर वाले मिलकर डांस करने लगते हैं नशे की हालत में शिखर उस पार्टी में आता है और सारे लोगों से कहने लगता है कि मैं ही शिखर हूं जैसे ही शिखर पिशाचनी के सामने यह बात कहने के लिए जाता है तभी बीच में दिव्य आ जाती है और सीना से कहती है कि तुम इससे दूर ही रहना मैंने तुम्हें कितनी बार समझाया है सीना कुछ भी समझ नहीं पाती।

दिव्या शिखर से कहती है कि मुझे तुम्हें कुछ जरूरी बात बतानी है शिखर भी कहता है कि हां मुझे भी तुम्हें जरूरी बात बतानी है दोनों ही वहां से चले जाते हैं किचन में दृष्टि रक्षित से डांस करने के लिए कहती है लेकिन रक्षित डांस करने से मना कर देता है तभी दृष्टि को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आने लगता है तभी वहां पर विकी आ जाता है दृष्टि कहती है कि इन्हें मेरे पास देखकर इनको जलन हो रही है तू मैं इनके साथ ही डांस कर लेती हूं तभी दृष्टि विकी के साथ डांस करने लगती है थोड़ी देर के बाद दृष्टि जैसे ही गिरने वाली होती है तभी रक्षित उसे संभाल लेता है दिव्या और शिखर जब किचन में होते हैं तभी शिखर दिव्या से कहते हैं कि मुझे तुम्हें जरूरी बात बतानी है दिव्या कहती है कि मुझे भी तुम्हें कुछ जरूरी बात बताने हैं शिखर कहता है कि नहीं पहले मेरी बात सुनो तुम रहने दो तभी शिखर दिव्या को जब बात बताने वाला होता है तब एक दिव्य उसे रोक देती है।


दिव्या शिखर से कहती है कि 1 मिनट रुक जाओ पहले मैं बैठ जाती हूं शिखर दिव्या वहीं पर बैठ जाते हैं तभी वह एक दूसरे के करीब आ जाते हैं फिर से एक दूसरे को देखने लगती है तभी दोनों एक दूसरे को देख कर हंसने लगते हैं तभी शिखर दिव्या को कान में कहता है कि मैं शिखर हूं तभी दिव्या यह बात सुनकर हंसने लगती है और शिखर से कहती है कि यह तो मैं जानती हूं तब ऐसे कर कहता है कि तुम जानती हो दिव्या शिखर से कहती है कि अब मेरी बारी है तुम्हें कुछ बताने की तभी दिव्या से कर को बताती है कि मैं दिव्या शिखर कैसा है कि मैं तो जानता हूं कि तुम दिव्य हो नशे की हालत में दिव्या से कहती है कि इसका मतलब हम दोनों एक दूसरे के बारे में जानते हैं।

रक्षित दृष्टि को ढूंढते हुए पुल के साइड आ जाता है और दृष्टि को ढूंढने के लिए आगे बढ़ता है तब वहां पर दृष्टि आ जाती है और रक्षित को डांटने लगती है और उससे कहती है कि आपने मेरे साथ बहुत ही ज्यादा गलत किया है आप कहां जा रहे थे तभी रक्षित बताता है कि मैं अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए जा रहा था तभी दृष्टि से पूछती है कि आप कौन सी पत्नी को ढूंढने के लिए जा रहे थे उस छिपकली को या फिर उस पिशाचनी को रक्षित रक्षित दृष्टि से कहता है कि मैं तुम्हें ढूंढने के लिए जा रहा था तभी दृष्टि रखती है कि मैं आपसे बहुत ही ज्यादा नाराज हूं क्योंकि आपने मेरे साथ हमेशा गलत किया है आपने दो बार शादी की आपने हमेशा मेरा फायदा ही उठाया है मैंने कभी भी आपको फायदा नहीं उठाया है रक्षित दृष्टि से कहता है तो ठीक है तो तुम मेरा फायदा उठा लो दृष्टि रक्षित को गोरा करने के लिए कह देती है तभी रक्षित घोड़ा बन जाता है दृष्टि उसके ऊपर बैठकर हंसने लगती है तभी रक्षित दृष्टि को बिठा कर आगे बढ़ने लगता है।


दृष्टि और रक्षित वहीं पर लेट जाते हैं और एक दूसरे को अपने जादू दिखाने लगते हैं थोड़ी देर के बाद वहां पर दिव्या आ जाती है और दृष्टि से कहती है कि दी चलो हम गाना गाते हैं हम कमरे में चलते हैं तभी दिव्य दृष्टि को लेकर वहां से चली जाती हैं और कमरे में जाकर दृष्टि की नजर उस किताब पर पड़ जाती है तभी दिव्या से दृष्टि कहती है कि आखिर से किताब कौन सी है दिव्या उस किताब के बारे में बताती है कि मुझे स्टोर रूम में से मिली थी मुझे पुरानी किताब लगी इसलिए मैं ऐसी जहां पर उठा लाई मैंने सोचा कि आपको एक बार दिखा देती हूं दृष्टि जैसे ही उसके ता को खोल कर देखती है उस किताब में पहले पन्ने पर ही उसकी मां जाने की विद्या का नाम लिखा होता है यह नाम देखकर दोनों की आंखों में आंसू आ जाते हैं।

दिव्य कहती है कि मुझे नहीं लगता क्योंकि यह मेरी मां की किताब है क्योंकि उनकी किताब लिखी हुई शेरगिल हाउस में क्या करेगी दृष्टि उस किताब को पढ़ने के लिए कहती है तभी दिव्य कहती है कि नहीं मुझे नींद आ रही है हम इस किताब को सुबह ही पढ़ लेंगे दृष्टि कहती है कि नहीं हम किस किताब को अभी पड़ेंगे अगर हम दोनों को नींद आ रही है तो हम इस किताब को पढ़ नहीं सकते तो क्या हुआ लेकिन हम इस किताब को बिना पढ़े पढ़ सकते हैं तभी दिव्या कहती है कि तू कैसी तबीयत रिश्ते और दिव्या उसके सामने बैठ जाती है और उस किताब पर लेट जाती हैं दिव्या जैसे ही खड़ी होती है तभी वह दृष्टि से कहती है कि कुछ भी तो नहीं हो रहा है दी।


थोड़ी देर के बाद दोनों ही अतीत में चली जाती है अतीत में जाकर उसी जगह पर चली जाती है जिस जगह पर विद्या के पेट में दिव्या और दृष्टि होते हैं और उनके पेट में चला जाता है दिव्या अपनी मां को देखकर इमोशनल हो जाती है और कहती है कि मैं अपनी मां के पास जा रही हूं दृष्टि दिव्या को समझाती है कि यह सिर्फ अतीत में आई है कोई भी असलियत नहीं है तभी दृष्टि की नजर वहां पर किसी आदमी की छाया पड़ जाती है थोड़ी देर के बाद दोनों ही उस किताब से बाहर आ जाती हैं तभी उन्होंने कहती हैं कि हम क्या दोनों एक साथ सपना देख रहे थे तभी दोनों को पता चल जाता है कि नहीं यह सपना नहीं था बल्कि हकीकत है तभी दिव्या कहती है कि दी आपने ही तो कहा था कि हम इस किताब को बिना पढ़े ही पढ़ सकते हैं तभी मैं इस किताब पर सो गई थी जिसकी वजह से हमें यह अतीत दिखाई दिया।

उधर पार्टी में विकी पिशाचनी के पास खड़ा होता है और सीना से कहता है कि जिस काम के लिए हम आए थे वह काम तो मैं करके ही रहूंगा इतना कहकर विकी वहां से उस पार्टी में चला जाता है पार्टी के दौरान एस विकी को अपने पास बुलाती है और उससे उसकी शादी के बारे में पूछती है तभी विकी मजाक में कह देता है कि आप ही मेरे लिए एक अच्छी सी लड़की ढूंढ दीजिए इतनी देर में विकी के सर के बाल कलर बदलना शुरू कर देते हैं तभी यह सब सिमरन देख लेती हो और विकी से कहती है कि आपके सिर का कलर क्यों बदल रहा है तभी विकी डर जाता है और वहां से भाग रहा होता है तब उसे रोक लेते हो और उसके बालों के बारे में पूछते हैं तब विकी झूठ बोल देता है कि मैंने एक कलर लगवाया है शायद जिसकी वजह से ही यह सब हो रहा है इतनी देर में विकी की नजर आई नहीं पड़ जाती है उस आईने में विकी के दांत दिखाई दे जाते हैं बिल्कुल जानवरों जैसे तभी वहां पर रक्षित की मां को लेकर आ जाती है और कहती है कि विकी तुमने तो किया ही नहीं विकी को सब लोग खिला रहे होते हैं तब वहां पर पिशाचनी पहुंच जाती है और उसके को लेकर चली जाती है।

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